बिछड़ना था तो अच्छे से बिछड़ते, नफरत से बिछड़कर मोहब्बत बदनाम हो गई।
मुस्कुराने की वजह थी तू, अब रोने की भी वजह तू ही बन गया।
बिछड़ना तक़दीर में था, वरना, कौन किसी को दिल से निकाल सकता है?
हमने कभी तुमसे दूर जाने की कल्पना भी नहीं की थी,
कभी सोचा नहीं था कि तेरा जिक्र भी दर्द देगा, जो कल तक अपनी जान थी, वो आज अजनबी लगेगा।
जिंदगी भी अब हो गई है बेमकसद और नाराज़।
तू चला गया तो क्या हुआ, तेरी यादें अब भी साथ हैं।
जिंदगी के रास्ते में कुछ इस तरह बिछड़े हैं हम,
कभी प्यार जताया था, कभी दर्द दिया, अब तेरा नाम भी मेरी यादों से मिट गया।
तेरा होना भी क्या हुआ, जब तू मेरा था ही नहीं!
मुझे रोता हुआ देखकर वो मुस्कुरा दिया, काश! मेरा दर्द ही मेरी खुशी होती।
तेरी मोहब्बत अधूरी रही, पर मेरा प्यार पूरा था।
काश! तुम्हारे दिल में वो दर्द समझने वाली जगह होती,
तू कितना भी दूर चला जाए, दिल से दूर नहीं Sad Shayari होगा, तेरी जगह कोई और ले, ये मंजूर नहीं होगा।